बिटौरे में जली थीं इंसानी हड्डियां, शिनाख्त को अब डीएनए टेस्ट

कविनगर थानाक्षेत्र के गांव रईसपुर में बिटौरे की राख में मिली हड्डियों को लेकर संशय खत्म हो गया है। फोरेंसिक रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि बिटौरे में कोई जानवर नहीं, बल्कि इंसान जला था। अब मृतक की शिनाख्त के लिए पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया है। गौरतलब है कि बिटौरे में आग लगने की घटना के दौरान से ही गांव का एक युवक भी लापता चल रहा है। उक्त हड्डियां उक्त युवक की तो नहीं, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने उसके परिजनों का ब्लड सैंपल और हड्डियां हैदराबाद लैब भेजी हैं।
22 सितंबर 2019 को रईसपुर गांव के बाहरी हिस्से में एक बिटोरे में आग लग गई थी। अगले ही दिन बारिश होने पर आग बुझने के बाद राख में कुछ हड्डियां निकली थीं। इस घटना से दो दिन पहले यानि 20 सितंबर को ही गांव का ही रहने वाला विजय संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। परिजनों ने गांव के ही कुछ युवकों पर विजय की हत्या कर शव बिटोरे में जलाने का आरोप लगाया था। लेकिन, पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर बिटोरे में मिली हड्डियों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था। इंस्पेक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि फोरेंसिक रिपोर्ट आ गई है। बिटौरे में मिली हड्डियां मनुष्य की होने की पुष्टि हुई है।
डीएनए टेस्ट को भेजीं ब्लड सैंपल व हड्डियां
इंस्पेक्टर प्रताप सिंह ने बताया कि बिटौरे में मिली हड्डियां विजय की तो नहीं हैं, इसका पता करने के लिए डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। विजय अविवाहित था, लिहाजा उसकी बहन व भाई का ब्लड सैंपल हड्डियों के साथ हैदराबाद लैब भेजा गया है। लगभग एक माह में डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आ जाएगी, जिसके बाद पता चल जाएगा कि हड्डियां विजय की हैं या नहीं।